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विजय धृतलहरे
नवा रायपुर/कबीरधाम, 17 जून 2026।
राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाथें वाले विशेष संरक्षित बैगा आदिवासी समाज के लोगन मन आबकारी विभाग के कथित अत्याचार, झूठा प्रकरण अऊ अवैध वसूली के विरोध मं आज नवा रायपुर के महानदी भवन पहुंचके जोरदार विरोध जताइन। कबीरधाम जिला के दूरस्थ वनांचल इलाका ले करीब 150 किलोमीटर के कठिन सफर तय करके पहुंचे बैगा समाज के प्रतिनिधि मन मुख्य सचिव, आबकारी सचिव अऊ आबकारी आयुक्त ला ज्ञापन सौंपके दोषी अधिकारी मन ऊपर कड़ी कार्रवाई के मांग करिन।

छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद कबीरधाम के जिला अध्यक्ष कामू बैगा कहिन कि अगर एक हप्ता के भीतर संबंधित आबकारी अधिकारी मन ऊपर निलंबन अऊ कानूनी कार्रवाई नई होही, त बैगा समाज पूरा प्रदेश मं उग्र आंदोलन अऊ चक्काजाम करे बर मजबूर हो जाही। ओमन कहिन कि आंदोलन के जिम्मेदारी शासन-प्रशासन के होही।
कामू बैगा कहिन कि आदिवासी परिवार मन ला डरा-धमकाके कोरा कागज मं अंगूठा लगवाय जात हे। जेल भेजे के डर देखाके लोगन मन अपन खेती के जमीन गिरवी रखत हवंय, घर के अनाज बेचत हवंय अऊ कर्जा लेके कथित रिश्वत देय बर मजबूर होवत हवंय। एखर ले कई परिवार आर्थिक संकट मं फंस गे हवंय।
कई पीड़ित परिवार मन के उदाहरण रखे गिस
ज्ञापन मं आबकारी विभाग के एसआई रायजादा अऊ एसआई गीता साहू ऊपर गंभीर आरोप लगाय गे हवंय। समाज के मुताबिक ग्राम छेरकीकद्धार के समरथ बैगा, ग्राम चौंरा के शहरु बैगा, ग्राम सरोदा के परसादी बैगा अऊ सौखीराम बैगा, ग्राम चोरभट्टी के सुखचंद बैगा सहित कई परिवार मन ला कथित रूप ले परेशान करे गीस। आरोप हे कि शराब के मात्रा बढ़ा-चढ़ा के दर्ज करे गीस अऊ पैसा लेके घलो जेल भेजे गीस। ग्राम चिखली के राजू साहू के मामला मं घलो अवैध वसूली के आरोप लगाय गे हवंय।
बैगा समाज के प्रमुख मांग
बैगा समाज के प्रतिनिधि मन शासन ले मांग करिन कि आरोपी अधिकारी मन ला तत्काल निलंबित करे जावय, स्वतंत्र अऊ निष्पक्ष जांच कराय जावय, दोषी पाए जाए मं एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम अऊ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत एफआईआर दर्ज करे जावय। संगही संग पीड़ित परिवार मन ले कथित रूप ले वसूले गे रकम वापस दिलाय जावय।
बड़ी संख्या मं पहुंचे समाज के पदाधिकारी
महानदी भवन मं ज्ञापन सौंपे के दौरान छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के युवा जिला अध्यक्ष मोहित कुमार धुर्वे, महासचिव कमल कुमार धुर्वे, कोषाध्यक्ष ओमकार सिंद्राम सहित सौखी बैगा, समरथ बैगा, परसादी बैगा, जयता बैगा अऊ बड़ी संख्या मं बैगा समाज के सदस्य मौजूद रहिन।
बैगा समाज के कहना हे कि आदिवासी मन ऊपर होवत कथित अन्याय अऊ शोषण अब बर्दाश्त नई करे जाही अऊ न्याय बर लड़ई आखरी दम तक जारी रही।



