
बल्लूराम डांट काम
विजय धृतलहरे
कवर्धा, 2 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ह देशभर म “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प अभियान” के शुभारंभ करत 100 हप्ता तक नशा मुक्ति जनजागरूकता चलाय के आह्वान करिन। कवर्धा म घलो माई भारत के तत्वावधान म कार्यक्रम होइस, जिहां विद्यार्थी मन प्रधानमंत्री के लाइव संबोधन सुनिन अउ नशा मुक्ति के संकल्प लेइन।
फेर कबीरधाम के जमीनी हकीकत कुछ अउच कहानी कहिथे। जिला के कई गांव मन म खुलेआम अवैध शराब के बिक्री होवत हे। ग्रामीण इलाका म कोचिया मन बेखौफ दारू बेचत हें, जेन ले खासकर युवा पीढ़ी नशा के गिरफ्त म आथे।
स्थानीय लोगन के कहना हे कि रोज पुलिस अवैध शराब बेचइया ऊपर कार्रवाई करे के दावा करथे, कुछ कोचिया पकड़ाय घलो जाथें, फेर दूसर दिन ले फेर ओही धंधा चालू हो जाथे। एखर से सवाल उठत हे कि सिरिफ कार्रवाई के आंकड़ा दिखाय ले नशा बंद होही कि जमीनी स्तर म ठोस कार्रवाई घलो जरूरी हे?
युवा वर्ग म बढ़त नशा के प्रवृत्ति, गांव-गांव म सहज उपलब्ध अवैध शराब अउ नशा कारोबार ऊपर लगाम नइ लग पावत स्थिति ला देखके अब जनता पूछत हे—
“का 100 हप्ता के अभियान ले कबीरधाम सच म नशा मुक्त हो जाही, या फेर ये सिरिफ संकल्प अउ कार्यक्रम तक सीमित रह जाही?”
विशेषज्ञ मन के मत हे कि नशा मुक्ति अभियान के सफलता बर केवल शपथ अउ जागरूकता कार्यक्रम पर्याप्त नइ होही। अवैध शराब के कारोबार ऊपर कठोर कार्रवाई, लगातार निगरानी, जनसहभागिता अउ युवा मन बर रोजगार, खेलकूद अउ सकारात्मक गतिविधि के अवसर बढ़ाना घलो जरूरी हे।



