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कुम्हार मन के जमीन के नाव म प्रशासन अऊ विधायक ला गुमराह करे के कोसिस, पटवारी जांच म खुलिस सच — गरीब परिवार के पीएम आवास रोके के लगिस आरोप”

बल्लूराम डॉट कॉम

विजय धृतलहरे

पंडरिया/कवर्धा।

ग्राम कोदवागोड़न म कुम्हार समाज के जमीन म अवैध कब्जा अऊ अतिक्रमण के आरोप लगाके विधायक अऊ जिला प्रशासन ला देय गे शिकायत अब जांच म भ्रामक अऊ तथ्यहीन साबित होवत दिखत हे। शिकायत म कहे गे रहिस कि शासन ले कुंभकार समाज ला मिले जमीन म अवैध रूप ले मकान बनाय जात हे, जेन ले दर्जनों परिवार के रोजगार ऊपर संकट आ गे हे, फेर राजस्व विभाग के जांच अऊ स्थल निरीक्षण म मामला कुछ अउच निकर के सामने आइस।

जांच म पता चलिस कि जेन जमीन म प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनत हे, ओ जमीन कुम्हार समाज के बर उपयोग होवत मिट्टी खदान ले अलग हवय अऊ साप्ताहिक बाजार स्थल के सीमा म स्थित हे। जानकारी अनुसार एही जगह म करीब 30-32 साल पहिली शासन के महिला कर्मचारी आवास रहिस, जऊन जर्जर होय के बाद एक गरीब अऊ बेघर परिवार ला पंचायत के माध्यम ले रहाय बर दे दीस गे रहिस।

बताय जात हे कि तुलसी पनरिया के परिवार बर यही 2 डिसमिल जमीन म बरसों ले झोपड़ी बनाके रहत हवंय। परिवार के जीविका डबलरोटी अऊ कबाड़ बेचके चलथे। शासन के प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत स्वीकृत मकान बनाय के काम शुरू होय के बाद लगातार विरोध अऊ दबाव के कारण निर्माण काम कई बार रुकिस।

जांच के दौरान ये बात घलो सामने आइस कि शिकायत म 40 परिवार प्रभावित होय के दावा करे गे रहिस, जबकि गांव म कुम्हार समाज के सिरिफ 10-12 परिवार निवास करत हवंय। आरोप ये घलो लगत हे कि शिकायत पत्र म कतको अइसने लोगन के हस्ताक्षर अऊ अंगूठा निशान शामिल करे गे रहिस, जऊन मन या त अब जीवित नइ हवंय या फिर आवेदन के जानकारी तक नइ रहिस।

पटवारी के सीमांकन अऊ खसरा जांच म साफ होगे कि कुम्हार समाज बर मिट्टी निकालने खातिर अलग ले पर्याप्त जमीन उपलब्ध हवय, जबकि जेन जमीन म पीएम आवास बनत हे, ओखर सरकारी रिकॉर्ड म कुम्हार समाज के स्वामित्व या आवंटन के कोनो उल्लेख नइ मिलिस।

पूरे मामला म अब सवाल उठत हे कि का एक गरीब परिवार के पक्का घर के सपना ला निजी रंजिश अऊ गलत जानकारी के सहारे रोके के कोसिस करे जात रहिस?

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