कवर्धाछत्तीसगढ़

एकलव्य हॉस्टल मं मासूम ल बेरहमी ले पीटे के आरोप, सुरक्षा व्यवस्था ऊपर उठिस बड़े सवाल!

एकलव्य हॉस्टल मं मासूम ल बेरहमी ले पीटे के आरोप, सुरक्षा व्यवस्था ऊपर उठिस बड़े सवाल!

 

कमरा मं बंद करके जूनियर छात्र के पिटई के आरोप, कान-आंख अउ पीठ मं चोट के निशान; पालक मन मं भारी आक्रोश

कवर्धा। तरेगांव थाना क्षेत्र के पीएमश्री एकलव्य आवासीय विद्यालय अउ छात्रावास मं एक जूनियर छात्र संग सीनियर छात्र मन के कथित मारपीट के मामला सामने आए हे। पालक मन के आरोप हे कि बच्चा ल कमरा मं बंद करके पिटई करे गे, जेमे ओकर कान, आंख अउ पीठ मं चोट के निशान मिलिस। घटना के शिकायत थाना तक पहुंच गे हे, जेन ले पालक मन मं भारी नाराजगी हे।

 

400 बैगा लइका के सुरक्षा ऊपर सवाल

 

एकलव्य आवासीय विद्यालय मं कक्षा 6वीं ले 12वीं तक के करीब 400 आदिवासी बैगा लइका रहिके पढ़ई करथें। ए घटना के बाद छात्रावास के निगरानी व्यवस्था ऊपर गंभीर सवाल उठत हे।

पालक मन के सवाल हे कि अगर एक लइका ल कमरा मं बंद करके मारपीट करे गे, त जिम्मेदार कर्मचारी मन ल ए बात के जानकारी समय मं काबर नइ मिलिस? घटना के बखत ड्यूटी मं कोन कर्मचारी रहिस अउ घटना के बाद तत्काल का कार्रवाई करे गे—ए सब बात के जांच जरूरी हे।

चार बछर पहिली घलो हो चुके हे मारपीट के मामला

 

बताय जात हे कि करीब चार बछर पहिली घलो एही छात्रावास मं मारपीट के मामला सामने आए रहिस। ओ बखत प्रभारी अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करके हटाए के बात सामने आई रहिस।

 

अब फेर अइसने शिकायत सामने आए ले सवाल उठत हे कि पुराना घटना के बाद सुरक्षा अउ निगरानी व्यवस्था मं आखिर कतका सुधार करे गे?

 

दोषी संग लापरवाही करे वाले के जिम्मेदारी घलो तय हो

 

मामला मं कथित रूप ले मारपीट करे वाले छात्र मन के भूमिका के निष्पक्ष जांच के संग छात्रावास अधीक्षक अउ ड्यूटी मं तैनात कर्मचारी मन के भूमिका के घलो जांच होना चाही।

 

अगर जांच मं लापरवाही मिलथे, त जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी ऊपर नियमानुसार कार्रवाई के मांग उठत हे।

 

सवाल एक लइका के नइ, सैकड़ों लइका के सुरक्षा के हे

 

घर-दुआर ले दूर रहिके पढ़ई करे वाले लइका मन के सुरक्षा प्रशासन के जिम्मेदारी हे। अइसने मं एक जूनियर छात्र संग कथित मारपीट के मामला सामने आना गंभीर चिंता के बात हे।

 

अब प्रशासन ल मामला के निष्पक्ष अउ समयबद्ध जांच कराके सच्चाई सामने लाना होही। संग मं छात्रावास मं रहत सैकड़ों लइका मन के सुरक्षा व्यवस्था ल मजबूत करे के जरूरत हे।

 

बच्चा मन पढ़ई करे बर हॉस्टल मं रहिथें, डर अउ हिंसा सहन करे बर नइ।

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