
कबीरधाम। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है, जहां एक गंभीर गर्भवती महिला को समय रहते न केवल बेहतर इलाज के लिए पहुंचाया गया, बल्कि रास्ते में ही एम्बुलेंस में सुरक्षित प्रसव कराकर माँ और नवजात दोनों की जान बचाई गई।
जानकारी के अनुसार, ग्राम झिरिया खुर्द निवासी सावित्री खुंटे (32 वर्ष), जो अपनी सातवीं गर्भावस्था (Gravida-7) में थीं, अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण गंभीर स्थिति में पहुंच गईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत Community Health Centre पंडरिया से जिला अस्पताल कबीरधाम रेफर किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इंटर-फैसिलिटी ट्रांसफर (IFT) किया गया। इसी दौरान रास्ते में महिला को प्रसव पीड़ा तेज हो गई, जिस पर एम्बुलेंस में मौजूद EMT विनोद कुमार जायसवाल ने सूझबूझ और प्रशिक्षित दक्षता का परिचय देते हुए एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया।
पायलट चंद्रप्रकाश भास्कर ने वाहन को संतुलित और सुरक्षित तरीके से संचालित करते हुए आवश्यक सहयोग प्रदान किया। प्रसव के बाद माँ और नवजात दोनों को सुरक्षित रूप से जिला अस्पताल कबीरधाम पहुंचाया गया, जहां उनका आगे उपचार जारी है।
एम्बुलेंस टीम द्वारा त्वरित निर्णय, चिकित्सकीय सतर्कता और रेफरल प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किए गए इस कार्य से दो जिंदगियां सुरक्षित बचाई जा सकीं। क्षेत्र में इस मानवीय और साहसिक कार्य की व्यापक सराहना की जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस सेवा का संचालन GVK EMRI द्वारा किया जा रहा है, जो Green Health Services के अंतर्गत कार्यरत है। इस एम्बुलेंस सेवा का शुभारंभ हाल ही में 1 अप्रैल को किया गया है, जिसके बाद से जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और गति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।






