सवाल के कटघरा म गुरुकुल पब्लिक स्कूल प्रबंधन, प्रेसवार्ता म उठिस गंभीर सवाल
कवर्धा म सवाल अब सिर्फ आरोप के नइ, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता अउ छात्र-छात्रा के सुरक्षा के हवय।

बल्लूराम डॉट कॉम
विजय धृतलहरे
19/08/2026
कवर्धा। गुरुकुल पब्लिक स्कूल कवर्धा ला लेके करीबन दू साल पुराना एक संवेदनशील मामला फेर चर्चा म आ गे हवय। 18 अगस्त के स्कूल प्रबंधन के तरफ ले प्रेसवार्ता रखे गे, जिहां प्रबंधन अपन पक्ष रखे के कोशिश करिस। फेर पत्रकार मन के लगातार सवाल-जवाब के बीच प्रेसवार्ता म कई सवाल के साफ जवाब नइ मिल पाइस, जेन ले मामला अउ गंभीर होवत दिखत हवय।
प्रेसवार्ता म जवाब कम, सवाल जियादा
प्रेसवार्ता के दौरान विद्यालय के प्राचार्या अउ प्रबंधन के सलाहकार अधिवक्ता के तरफ ले समय के कमी के बात कहत वहां ले जाए के स्थिति बनिस। वहीं संस्था प्रबंधक के मौजूद नइ रहना घलो पत्रकार मन के बीच चर्चा के विषय बनिस।
जेन प्रेसवार्ता के मकसद विद्यालय ऊपर लगत आरोप के संबंध म स्थिति साफ करना रहिस, ओही म कई महत्वपूर्ण सवाल अनुत्तरित रहि गे। पत्रकार मन के सवाल ले साफ होइस कि सिर्फ सामान्य सफाई के बजाय घटना से जुड़े दस्तावेज, जांच के स्थिति अउ प्रबंधन के जवाबदेही के संबंध म स्पष्ट जानकारी जरूरी हवय।
नाबालिग छात्रा से जुड़े संवेदनशील मामला
जानकारी के मुताबिक, मामला करीबन दू साल पहिली के हवय। बीजापुर जिला के आवापल्ली क्षेत्र के आदिवासी समाज से जुड़े एक नाबालिग छात्रा गुरुकुल पब्लिक स्कूल म पढ़त रहिस अउ छात्रावास म रहत रहिस। ओकर गर्भवती होए के मामला सामने आए के बाद स्कूल प्रबंधन अउ छात्रावास व्यवस्था ऊपर गंभीर सवाल उठे रहिस।
बताय जाथे कि छात्रा के चयन भारत सरकार के प्रयास योजना के माध्यम ले होए रहिस। मामला सामने आए के बाद सामाजिक संगठन मन के तरफ ले विद्यालय के भूमिका अउ छात्रावास म सुरक्षा व्यवस्था ऊपर सवाल उठाए गे रहिस।
हालांकि, नाबालिग से जुड़े संवेदनशील मामला म वास्तविक घटना, जिम्मेदारी या दोष के अंतिम निष्कर्ष केवल अधिकृत जांच, न्यायिक प्रक्रिया अउ सरकारी अभिलेख के आधार पर ही निकाले जा सकथे।
पहिली के विवाद मन ले बढ़िस जवाबदेही के सवाल
गुरुकुल पब्लिक स्कूल ला लेके पहिली घलो अलग-अलग विवाद के दावे सामने आवत रहिस। आरोप हवय कि अनुसूचित जाति वर्ग के एक नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ के मामला म स्कूल से जुड़े कुछ कर्मचारी मन के खिलाफ कार्रवाई होय रहिस।
अगर इन मामला म आधिकारिक रूप ले कार्रवाई होय हवय, त स्कूल म छात्र-छात्रा के सुरक्षा, छात्रावास के निगरानी व्यवस्था अउ प्रबंधन के संस्थागत जवाबदेही के निष्पक्ष समीक्षा जरूरी हो जाथे।
सामाजिक संगठन मन उठाइस जांच के मांग
मामला ला लेके कवर्धा के अलग-अलग सामाजिक अउ राजनीतिक संगठन मन के तरफ ले समय-समय म विरोध अउ आंदोलन के बात सामने आथे। संगठन मन जिला प्रशासन ले विद्यालय से जुड़े शिकायत मन के निष्पक्ष अउ तथ्यपरक जांच कराए के मांग करत आए हवय।
संगठन मन के कहना हवय कि जांच म अगर लापरवाही, नियम के उल्लंघन या अनियमितता साबित होथे, त जिम्मेदार मन ऊपर कानून के मुताबिक कार्रवाई होय चाही।
अब प्रशासन के जांच पर टिकी नजर
प्रेसवार्ता के बाद मामला खत्म होए के बजाय अउ कई सवाल छोड़ गे हवय। अब सबसे महत्वपूर्ण बात ये हवय कि विद्यालय से जुड़े शिकायत अउ आरोप मन के निष्पक्ष जांच कइसे होथे अउ जांच के असल नतीजा का निकलथे।
नाबालिग छात्रा, छात्रावास अउ स्कूल म पढ़े वाले छात्र-छात्रा के सुरक्षा से जुड़े मामला ला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नइ रखके दस्तावेजी तथ्य अउ विधिसम्मत जांच के आधार म देखे जाना जरूरी हवय।
फिलहाल गुरुकुल पब्लिक स्कूल प्रबंधन के सफाई एक पक्ष हवय, जबकि पत्रकार वार्ता म उठे सवाल के अंतिम जवाब अब अधिकृत जांच अउ सरकारी अभिलेख ले ही साफ हो सकही।




