कवर्धाछत्तीसगढ़

आचार संहिता लागू होने के बाद ट्रांसफर आदेश जारी किया और एक तरफा दबाव बना कर रिलीव कर दिया पर ज्वॉइन नहीं लिया कर्मचारी कार्य व वेतन से वंचित।

अनुसूचित जाति के अधिकारी कर्मचारी पर प्रताड़ित अब भी जारी कांग्रेस भुगत रहीं हैं भाजपा को बचना चाहिए।

अनुसूचित जाति के अधिकारी कर्मचारी पर प्रताड़ित अब भी जारी कांग्रेस भुगत रहीं हैं भाजपा को बचना चाहिए

बैगडेट में दबाव बना कर कार्य मुक्त आदेश पालन तो करा लिया पीड़ित अधिकारी से पर उनके सुरक्षा करते हुए ज्वाइन नहीं करा सकी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग।

इस तरह से गलत कार्य करके पंचायत मंत्री के स्वच्छ छवी को धुमिल करना चाहते हैं तथा कथित करीबी?

 

कवर्धा -: पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मनमानी और हिटलर रवैया ने अनेक अधिकारी कर्मचारी को परेशान कर दिया है इसी कड़ी में पंडरिया पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अनुविभागीय अधिकारी श्याम दास मोहले शिकार हो चुके हैं निर्वाचन के पुर्व शासन उन अधिकारी कर्मचारी का ट्रांसफर करने सभी विभाग प्रमुख से प्रस्ताव मांगे जो तीन वर्ष से अधिक समय तक पदस्थ हैं।

पर इस प्रस्ताव का दूरुपयोग करते हुए कुछ निजी स्वार्थ से लवरेज अधिकारी कर्मचारी ज्यादा तर उन अधिकारी कर्मचारी को शिकार बनायें है जो सीधे साधे सरल है या जिनके आका नहीं है यही हाल तत्कालीन भुपेश सरकार पांच साल ट्रांसफर उद्योग चलाती रही भाजपा पांच साल तक कहती रही है जैसे ही सरकार भाजपा के आई उसी राह में क्या भाजपा चल पड़ी है ? तभी तो कुछ बीना राजनीतिक संरक्षण के रहने वाले अधिकारी कर्मचारी को सारे नियम को ताक में रखकर अधिकारी को प्रताड़ित कर कुछ मनचाहा लोगों को पसंदीदा स्थान में पदस्थ करने के लिए इधर-उधर किया गया है पंडरिया आर ई एस के श्याम दास मोहले को मुस्किल से एक वर्ष पंडरिया में पदस्थ हुए हुआं था पर भी मरवाही ट्रांसफर कर दिया गया।

श्याम दास मोहले अपने सरल ब्योहार और बीना राजनीतिक संरक्षण के कारण दिनांक 15/3/2024 के शाम को विभाग से ट्रांसफर आर्डर हुआ 16/3/2024 को जिला कार्यालय द्वारा एक तरफा कार्य मुक्त कर दिया जबकि 16 मार्च को लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू हो गया था जबकि किसी भी अधिकारी कर्मचारी को आचार संहिता लागू होने के बाद ट्रांसफर या कार्य मुक्त या पदस्थ नहीं किया जा सकता है पर भी श्याम दास मोहले को 16 मार्च आचार संहिता लागू होने के बाद कार्य मुक्त किया और चौंकाने वाली बात यह है सभी मंत्री जी के हवाले देकर दबाव बनाया गया और आदेश कापी दिये बिना सब कार्य आफिस से होते रहा और 16/17 मार्च आफिस छुट्टी रहा 18 मार्च भी गुजरा 19 मार्च को कार्य मुक्त आदेश थमा दिया गया और बैक डेट 15 मार्च में दबाव बना कर हस्ताक्षर करा दिया गया।

अब बात ये है रायपुर मंत्रालय से ही 15 मार्च शाम 5 बजे के बाद शोषल मिडिया के माध्यम से ट्रांसफर आर्डर जारी होता है और तो 15 ही मार्च को जिला कार्यालय कार्य मुक्त आदेश जारी कर दिया और पालन भी करा दिया और नया अनुविभागीय अधिकारी को प्रभार भी उसी 15 तारीख को करा दिया इतना तेजी से विजय शर्मा जैसे तेज तर्रार पंचायत मंत्री के विभाग में कार्य हो रहा है किसी अनुसुचित जाति के अधिकारी को भगाने के लिए और वह अधिकारी अपने विभागीय अफसरों के दबाव से घबराकर इनके आतंक को स्वीकार करते हुए ओ जैसे चाहे वैसे करते रहे फिर 19 मार्च को आदेश प्राप्त कर 20 मार्च को पालन करते हुए ट्रांसफर स्थल मरवाही कार्य भार लेने पहुंचे जहा के विभागीय अधिकारी उल्टा पाव श्याम दास मोहले अनुविभागीय अधिकारी को लौटा दिया कह दिया आदर्श आचार संहिता लागू है ज्वाइन नहीं करा सकते अब वहा तेजी और बैकडेट लागू नहीं करा पायें विजय शर्मा जैसे तेज तर्रार पंचायत मंत्री के विभाग अफसर इससे कोई भी विचार कर सकता है ।

लाभ लेने की आदत किसी भी को बली का बकरा बना सकता है अब SDO Res श्याम दास मोहले कही का नहीं रहा और उन्हें कार्य और वेतन दोनों से वंचित होना पड़ रहा है बीना कसुर के क्या यही है तेज तर्रार मंत्री का विभाग का कार्य क्या आज भी अनुसुचित जाति वर्ग पर अत्याचार होते रहेगा जबकि अनुसुचित जाति वर्ग जब जब भाजपा की ओर झुकाव की है तभी सरकार बनी है यह भाजपा भुल नही करें कांग्रेस यह गलती की थी अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में परिणाम भुगत रहा है भाजपा दोहराने से बचें ।

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