कवर्धाछत्तीसगढ़

कबीरधाम जिला में सभी नियम को धता बताते बेधड़क चल रही है गुड़ बनाने की कारखाना।

मृतक संतोष मरकाम के मामला में अनुसूचित जनजाति एक्ट कायम करने की मांग की मानव अधिकार सदस्य।

कवर्धा -: किसी भी क्षेत्र में कारखाना होना क्षेत्र के लिए लाभकारी होता है क्षेत्र के बेरोजगारी दूर करने का सहायक है कारखाना वही कुछ गलतियों को नजरंदाज की गई इन्ही विकास के आड़ में तो वही कारखाना अभिशाप भी बन कर रहता है! कबीरधाम जिला गन्ना के खेती के लिए मशहूर दिनों दिन हो रही है इसीलिए बोडला ब्लाक के राम्हेपुर पंडरिया ब्लाक के बिशेसरा में लाभकारी शक्कर के कारखाना संचालित हो रहा है पर कबीरधाम जिला के विभिन्न स्थानों में तेजी से गुड़ बनाने कारखाना की संख्या लगभग 450 के आसपास है! जिसमें कारखाना संचालित करने का विभिन्न नियम कारखाना में कार्य करने वाले कर्मचारी मजदूर के हितों में जारी भारत सरकार राज्य सरकार के नियम मजदूर कर्मचारी को दियें जाने वाले प्रशिक्षण और सुरक्षा पर्यावरण मंडी अधिनियम बीमा योजना जैसे तमाम नियम अधिनियम का पालन करना होता है कारखाना संचालन करने में पर कबीरधाम जिला के राजनिति का हद पार के कारण जिला प्रशासन के लचर रवैया का लाभ उठाते हुए बेरोकटोक गुड़ बनाने का कारखाना संचालित हो रहा है।

इसी कड़ी में नारायणी गुड़ कारखाना दिलीप अग्रवाल द्वारा संचालित किया जा रहा था जिसमें उपर बताई गई किसी भी नियम का पालन नहीं करते हुए मनमानी कर कारखाना संचालित किया गया अप्रशिक्षित मजदूर से कार्य कराया गया मजदूरों की सुरक्षा का प्रबंध भी नहीं की गई और ना कारखाना में कार्यरत कर्मचारी मजदूर को बीमा से सुरक्षा दिया गया इसी कारण एक अकुशल 8 फरवरी 2024 ग्राम लिमो के नारायणी गुड़ उद्योग में संतोष मरकाम आदीवासी मजदूर से काम लेते वक्त उसकी जान चली गई मजदूर मशीन से फंस गया इतना बुरा फंसा के उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों को काट काट कर निकालना पड़ा देखने वालों की रुह काप उठीं इधर कवर्धा कोतवाली में कारखाना संचालन करने वाले दिलिप अग्रवाल के उपर कार्यवाही करते हुए अपराध क्रमांक 0237दिनांक 28 /3/2024 को उप थाना प्रभारी शांता लकड़ा ने 304A के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई हैं ।

प्रथम जांच में अनेक लापरवाही कारखाना संचालक द्वारा किया जाना बताया गया है इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके इसके लिए थाना प्रभारी से जिला प्रेस क्लब एवं मानवाधिकार के पदाधिकारी गत दिन थाना में मिलकर मामले के संबंध में जानकारी चाहीं है पंजीबद्ध अपराध को अपर्याप्त बताते हुए अनुसूचित जनजाति एक्ट भी कायम कर जांच और कार्यवाही कठोर होने की मांग की गई है वहीं मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता कारखाना संचालन कर्ता से दिलाने की बात कही गई है।

जिसमें नव पदस्थ थाना प्रभारी लालजी सिन्हा एवं विवेचक शांता लकड़ा ने जांच पुरी निष्पक्ष करने और उचित सहायता दिलाने में पुरा प्रयास करने आसवासन दिया है वही जिला प्रशासन से अवैधानिक रूप से चलाई जा रही गुड़ कारखाना पर लगाम लगाने की बात कही गई है अन्यथा इसी तरह मजदूर मारें जायेंगे।

Related Articles

Back to top button
× How can I help you?