कवर्धाछत्तीसगढ़

खंडहर में तब्दील हुई कवर्धा के गोदना रिसोर्ट।

खंडहर में तब्दील होने के मुख्य कारण स्थानीय प्रशासन के उदासीन रवैया

खंडहर में तब्दील होने के मुख्य कारण स्थानीय प्रशासन के उदासीन रवैया

*भोरमदेव रोड़ कवर्धा में पर्यटन विभाग से करोड़ों रुपया खर्च कर शानदार विश्राम गृह गोदना रिसोर्ट,2008 में बनाई गई पर देखरेख के अभाव में हुई चोरों के हवाले कीमती फर्नीचर खड़की दरवाजे तक गायब*

कवर्धा -: 2 सितम्बर 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ.रमनसिंह के करकमलों से पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित करोड़ों रुपया का कवर्धा के भोरमदेव रोड़ पर गोदना नामक विश्राम गृह बनाई गई थी जीसका उद्घाटन किया गया था तब उक्त गोदना नामक विश्राम गृह कवर्धा के शान बन गई थी उक्त विश्राम गृह में शहर के बहुत से परिवार ने शादी समारोह भी बड़े शानदार तरीके से पर्यटन विभाग को किराया रकम चुका के करते थे वहीं देश प्रदेश से प्रयटन के शौकीन कबीरधाम जिला के भोरमदेव मध्यप्रदेश के कान्हा केशली अमरकंटक जैसे अनेक कबीरधाम जिला के दर्शनीय स्थल घुमने देखने आने वाले का महत्वपूर्ण रुकने का स्थान गोदना विश्राम गृह था पर शासन के अनदेखी के कारण यह करोड़ों रुपया में बनी कवर्धा के लिए गौरव गोदना नामक विश्राम गृह महज 15 साल में खंडहर में बदल गई है।

बिना देखरेख के अभाव में विश्राम गृह के भवन में बेसकिमती फर्नीचर मार्बल टाइल्स पंखा बिजली ए सी जैसे तमाम साज सज्जा समान चोरों के हवाले हो गया है सभी सामान को उखाड़ कर लें गयें है भवन को भी तोड़ फोड़ कर दिया गया है यहा तक परिसर में अतिक्रमण कर मंदिर बनाया जा रहा है जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रकाश वर्मा सचिव विजय धृतलहरे के दो सदस्य टीम ने गोदना विश्राम गृह का मुआयना किया तो पाया करोड़ों रुपया से निर्मित भवन शासन के देख रेख नहीं करने के कारण खंडहर हो गई है ।

जबकि तत्कालीन मुख्यमंत्री डां. रमनसिंह जी के शानदार सोच और देन से वर्तमान सांसद संतोष पाण्डेय मोती लाल चन्द्रवंशी राजा योगेश्वर राज सिंह रघुराज सिंह दिवंगत संतोष गुप्ता जैसे जनप्रतिनिधि गंण यह भवन का उद्घाटन में शामिल थें पर महज प्रशासन के गैरजिम्मेदारी से यह करोड़ों का भवन रद्दी में तब्दील हो गई है आशा है कवर्धा के वर्तमान विधायक एवं तेज तर्रार ग्रह मंत्री विजय शर्मा पर्यटन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल संज्ञान लेते हुए दोषी पर कड़ी कार्यवाही तो करेंगे ही पर गोदना रिसोर्ट का जिर्णोद्धार करगें।

Related Articles

Back to top button
× How can I help you?