छत्तीसगढ़रायपुर

प्रदेश में सभी शासकीय एवं अशासकीय निर्माण कार्य खनिज परिवहन नीति के कारण पूर्णत: ठप्प : बीएआई।

रायपुर छ.ग. राज्य शासन नयी खनिज परिवहन नीति लागू होने से प्रदेश के शासकीय, अशासकीय ठेकेदारों के कार्य ट्रान्सपोर्टरों की विगत 15 दिवस से जारी हड़ताल के कारण निर्माण कार्य बंद होने से प्रदेश भर में रेत, गिट्टी, मुरूम एवं ईंट की सप्लाई बंद होने के कारण रायपुर, दुर्ग-भिलाई, राजनांदगांव, बिलासपुर, अम्बिकापुर, नारायणपुर, जगदलपुर, धमतरी, बालोद, सुकमा, कांकेर, बीजापुर सहित प्रदेश भर में निर्माण कार्य बंद हो गये हैं।

जिसके फलस्वरूप निर्माण एवं ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में बेरोजगारी की स्थिति निर्मित हो गई है। निर्माण कार्यों में लिप्त ठेकेदारों के ऑपरेटर, ड्राइवर, मिस्त्री, श्रमिकों को बेरोजगारी की गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। ठेकेदारों द्वारा अपना पक्ष रखते हुए कहा जा रहा है कि उन्हें जब तक गिट्टी, रेत, मुरूम, ईंट आदि की सप्लाई प्राप्त नही होगी तब तक निर्माण कार्य कैसे संपादित किया जा सकता है। उन्हें मजबूरीवश कार्य बंद करना पड़ रहा है। विभाग का आगामी चुनाव को देखते हुए ठेकेदारों पर शीघ्र कार्य करने हेतु दबाव बनाया जा रहा है। जबकि ठेकेदार नई खनिज नीति के कारण भारी जुर्माना एवं जेल जाने के नियम के कारण किसी भी कीमत पर कार्य करने को तैयार नही है।

 

ठेकेदारों का कथन है कि छत्तीसगढ़ राज्य में शासकीय, अशासकीय निर्माण कार्यों में खनिज की जितनी मात्रा की खपत है उतनी मात्रा में खनिज पट्टों का माइनिंग प्लान ही नही है। कोई भी ठेकेदार या परिवहनकर्ता बिना रायल्टी पर्ची के काम नही करना चाहता, किंतु पर्याप्त मात्रा में माइनिंग प्लान की स्वीकृति न होने कारण यह स्थिति बन रही है। ठेकेदारों का कहना है कि उनके द्वारा संपादित किये गये कार्यों का विभाग द्वारा प्रत्येक रनिंग बिल एवं फाइनल बिल का परीक्षण कर रायल्टी एवं डी.एम.एफ. राशि की कटौती कर ली जाती है, ठेकेदारों का पूरा खाता बही छ.ग. शासन के विभाग के पास ही उपलब्ध रहता है।

इसके बाद भी ठेकेदार रायल्टी में किसी प्रकार की चोरी नही कर सकता ठेकेदारों का कहना है कि विभाग द्वारा हमसे अग्रिम रायल्टी जमा करवा ली जावे और हमें तुरंत खनिजों के परिवहन की अनुमति निर्माण विभाग प्रमुख द्वारा ही दी जावे। और साथ ही सीमेंट निर्माता कंपनियों के द्वारा अकारण कार्टेल बनाकर सीमेंट दर में 60-70 रूपये प्रति बोरी की वृद्धि करने से निर्माण कार्य में और भी संकट पैदा हो गया है।उक्त जानकारी बिल्डर्स ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष कंवलजीत सिंह ओबेरॉय ने दी।

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