
कवर्धा -: धर्म नगरी कवर्धा 12 माह धर्म कर्म से सराबोर रहती है हर माह डी जे साउंड सिस्टम से शोरगुल भरमार रहती है कभी कुछ तो कभी कुछ लगातार यह सीलसिला जारी रहता है वैसे भी कवर्धा नगरी में निवासरत करने वाले 80% अबादी गांव से शहर के बसे हुए लोग हैं और ज्यादा तर कृषि आधारित लोग हैं इसकारण ज्यादा तर समय धर्म कर्म के कार्य में सराबोर दिखाई पड़ते हैं उसमें राजनीतिक लोग और अच्छा से रौनक लाने में कोई कसर नही छोड़ते हैं वैसे कवर्धा की राजनीति धर्मो से पैदा होती है और धर्मो के ही इर्द-गिर्द घूमती है! कवर्धा में वही नेता सफल होते दिखा है जो कवर्धा के मिजाज को टटोल कर चलता है वही सफल होता है वैसे लंबा रेस का घोड़ा कवर्धा नही बनाती है जल्द ही जमीन नापने मजबूर कर देती है।
पर धर्म कर्म पर लगें रहना नेता भी नहीं छोड़ते हैं इसी कड़ी में आज हिन्दू नव वर्ष के अवसर पर भारत माता चौक में होने वाले भारत माता आरती राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा के उपस्थिति में एकता (अलाल)चौक पर भगवा टेंट लगाकर महाआरती की गई तो दुसरे तरफ मुस्लिम समाज ने टेंट लगाकर सभी हिन्दू समाज के महाआरती में शामिल होने वाले को बटरस्केच बांट कर हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल कायम किया है!