कवर्धाछत्तीसगढ़

भोरमदेव पर्यटक स्थल के शासकीय भूमि निजीकरण कर खरीदी बिक्री से अवैध करोड़ों कमाई।

सईया भये कोतवाल,तो डर काहेका,अंदाज में शामिल अधिकारी मौन।

सईया भये कोतवाल,तो डर काहेका,अंदाज में शामिल अधिकारी मौन।

कवर्धा-: छत्तीसगढ़ के खजुराहों से विख्यात भोरमदेव मंदिर के आसपास शासकीय जमीन को आदिवासी के नाम पर पट्टा और फिर उस जमीन को करोड़ों रुपए में सामान्य वर्गों के नाम पर बेच कर करोड़ों रुपया का अवैध कमाई किया जा रहा है। इस खेल में रसूखदार लोग अपने ताकत का उपयोग करते हुए भोरमदेव के आस पास,मड़वा महल ,छेरकी महल के आजू बाजू में शासकीय जमीन को आदिवासी लोगों के नाम पर पट्टा दिया गया उसके बाद उक्त जमीन को कलेक्टर द्वारा परमिशन देकर सामान्य वर्गों के नाम पर करोड़ों रुपया में खरीदीं विक्रय किया गया है।

भोरमदेव पर्यटन स्थल का जमीन इस तरह से करोड़ों रुपए लेन देन का खेल चल रहा है।

इस खेल में राजस्व विभाग के नीचे से लेकर उच्च अधिकारी और बड़े रसूखदार नेता लोग जुड़े हुए है।जिला प्रशासन को अपने संज्ञान लेने की आवश्यकता है और इस खरीदी बिक्री के अंदर के खेल को जांच करने की भी आवश्यकता है क्योंकि बहुत से लोगों ने फर्जी परमिशन लेकर सामान्य वर्ग को बेच दिया गया है उस जमीन में अच्छा खासा मोटा रकम कमाकर आज उसी जमीन से कई करोडो के मालिक हो गए है जांच से सब सच सामने आ जायेगा बस जांच दल इस पेसा से जुड़े अधिकारियों से हट कर हो।

मामला कवर्धा विधानसभा का है तो जाहिर है क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक एवं ग्रह मंत्री संज्ञान में अवश्य लेकर जांच करायेंगे।

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