पराली जलाय बर पूरा प्रतिबंध, किसान मन ला वैज्ञानिक विकल्प अपनाय बर अपील
बल्लूराम डॉट कॉम
विजय कुमार धृतलहरे
कवर्धा, 23 फरवरी 2026। जिला कबीरधाम के कृषि विभाग ह समस्त किसान भाई मन ला खेत म पराली (फसल के बचे अवशेष) ला नइ जलाय बर अपील करे हवय। विभाग ह साफ कहे हवय कि फसल कटई के बाद पराली जलाना पूरा प्रतिबंधित हवय अऊ ये पर्यावरण अऊ मानव स्वास्थ्य बर बहुत हानिकारक हवय।
विभागीय जानकारी अनुसार पराली जलाय ले हवा म प्रदूषण बढ़थे, माटी के उर्वरता कम हो जाथे अऊ खेत म मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाथें। एखर संग आग लगय के खतरा घलो बढ़ जाथे। ए सब दुष्प्रभाव ला देखत किसान मन ला ए परंपरा ला पूरी तरह छोड़ देय बर आग्रह करे गेय हवय।
कृषि विभाग ह किसान मन ला फसल अवशेष प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीका अपनाय बर सलाह दे हवय। एमा हैप्पी सीडर अऊ सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम जइसन कृषि यंत्र के उपयोग, अवशेष ले कम्पोस्ट या वर्मी कम्पोस्ट बनाना, मल्चिंग करना अऊ पशु आहार के रूप म उपयोग करना शामिल हवय। संगही विभाग द्वारा चलाय जा रहे योजना मन म मिलत सब्सिडी के लाभ उठाय बर घलो कहे गेय हवय।
उप संचालक कृषि ह बताइन कि पराली जलाना पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 अऊ राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देश अनुसार दंडनीय अपराध हवय। नियम के उल्लंघन करे म जुर्माना अऊ दूसर दंडात्मक कार्रवाई के प्रावधान हवय। कृषि विभाग ह सब्बो किसान मन ला पर्यावरण संरक्षण अऊ माटी के स्वास्थ्य बढ़ाय बर सहयोग करे अऊ सतत कृषि पद्धति अपनाय बर अपील करे हवय।




