
कवर्धा, 20 फरवरी 2026। विजय कुमार धृतलहरे
समावेशी शिक्षा के तहत घर बइठे पढ़त दिव्यांग बच्चा मन के पालक/अभिभावक बर आज जिला ग्रंथालय कवर्धा मं एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम बढ़े जोश-खरोस मं कराय गइस। कार्यक्रम जिला कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा अउ मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय पोयाम के निर्देश मं, जिला शिक्षा अधिकारी श्री एफ.आर. वर्मा अउ जिला मिशन समन्वयक श्री विनोद श्रीवास्तव के मार्गदर्शन मं होइस।
डीएमसी श्री विनोद श्रीवास्तव पालक मन ल आत्मीय स्वागत करत कहिन—“बच्चा मन के संग-संग चलहू, त ऊँच-नीच कऊनू नई रहि जाही।” ओमन शासन के योजना मन के सीधा-सपाट जानकारी देइन अउ बताइन कि दिव्यांग बच्चा मन से जुड़े पढ़ई-लिखई के सब्बो मदद बर विकासखंड मं पदस्थ बीआरपी मन ले बेझिझक संपर्क कर सकत हें।
कार्यक्रम मं समावेशी शिक्षा के एपीसी श्री राकेश चंद्रवंशी, बीआरसी श्री केशलाल साहू, सहायक परियोजना समन्वयक श्री राजू चंद्रवंशी अउ श्री राजेश कौशिक उपस्थित रहिन। पंडरिया, बोड़ला, कवर्धा अउ लोहारा ले आए पालक मन बढ़-चढ़ के हिस्सा लेइन—कऊनो झिझक नई, सीधा सवाल-जवाब!
कार्यक्रम के मंतव्य साफ रहिस—समावेशी शिक्षा कइसन चलथे, घर मं पढ़ई के जुगाड़ कइसे बने, बच्चा मन के अधिकार का हे, अउ सरकार के सुविधा मन तक पहुंच कइसे बने—सब्बो बात ल ठेठ ढंग ले समझाय गइस।
प्रशिक्षण सत्र मं बीआरसी श्री विनोद गोस्वामी, श्री नरेश सोनी, श्रीमती होमबाई साहू, श्रीमती गायत्री साहू अउ श्रीमती रेशमा मेश्राम अपन अनुभव के पोटली खोलेन। 21 किसिम के दिव्यांगता ऊपर आसान बोली मं समझाइस, अउ कहिन—“घर के माहौल जऊन मितान-भरोसा वाला होही, बच्चा मन के उड़ान ओतके ऊँच होही।” पालक मन ल घर मं सहयोगी, हौसला बढ़ाय वाला माहौल बनाय बर खास जोर देय गइस।
कार्यक्रम भर मं पालक मन के जिज्ञासा मन के खुल्ला समाधान होइस। स्कूल अउ परिवार के मिल-जुल के काम करे से बच्चा मन के सर्वांगीण विकास कइसे होथे—ए बात ल बढ़िया ढंग ले रेखांकित करे गइस। आख़िर मं पालक मन कहिन—“काम के बात, सीधे दिल तक पहुँचे—अइसन कार्यक्रम बार-बार होय




