कवर्धाछत्तीसगढ़

युवा-युवती परिचय सम्मेलन में राजागुरु धर्मगुरु बालदास साहेब ने दिया आशीर्वाद।

“सतनामी समाज शिक्षित बने, संगठित होकर सत्ता में भागीदारी करे” – बालदास साहेब

 

कवर्धा।

18 जनवरी को पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम, कवर्धा में सतनामी समाज द्वारा युवा-युवती परिचय सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सतनामी समाज के आदेशक-निर्देशक राजागुरु धर्मगुरु बालदास साहेब जी रहे।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं जिला पंचायत सभापति रामकुमार भट्ट, जेल अधीक्षक देवप्रसाद टोन्ड्रे, राजेन्द्र बंजारे, जिला सहकारी बैंक के ब्रांच मैनेजर राजेन्द्र डाहिरे, भाजपा अजा मोर्चा जिलाध्यक्ष महेंद्र धृतलहरे, सतनामी समाज जिलाध्यक्ष रामप्रसाद मिरी सहित अनेक सामाजिक व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

84 पंजीकृत प्रतिभागी, 5 जोड़ों ने चुना जीवनसाथी

सम्मेलन में कुल 84 प्रतिभागियों ने विधिवत पंजीयन कर परिचय दिया, जिनमें 34 युवतियाँ एवं 50 युवक शामिल रहे। इसके अलावा लगभग 15 अपंजीकृत युवक-युवतियाँ भी परिचय सत्र में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान 5 युवक-युवतियों ने एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में पसंद किया, जिससे आयोजन की सार्थकता सिद्ध हुई।

 

समाज में ऐसे आयोजन अत्यंत आवश्यक – रामकुमार भट्ट

सभा को संबोधित करते हुए रामकुमार भट्ट ने कहा कि समाज में इस प्रकार के आयोजन लगातार होने चाहिए। उन्होंने परिचय सम्मेलन को विवाह तक पहुँचाने तथा शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए समाज को संगठित प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

वाद-विवाद से दूर रहकर सकारात्मक जीवन अपनाएं – जेल अधीक्षक

 

जेल अधीक्षक देवप्रसाद टोन्ड्रे ने समाज से आपसी विवादों से दूर रहकर सकारात्मक एवं अनुशासित जीवन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत उपयोगी हैं।

 

सत्ता ही समस्याओं का समाधान – राजागुरु बालदास साहेब

 

मुख्य अतिथि राजागुरु धर्मगुरु बालदास साहेब ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि

> “सतनामी समाज शिक्षित बने, संगठित रहे और सत्ता में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे। सत्ता ही समाज की रोज़ी-रोटी, न्याय और स्वाभिमान की रक्षा का सबसे बड़ा माध्यम है।”

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि परिचय सम्मेलन कम खर्च, कम समय में सही जीवनसाथी चयन का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने समाज से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।

 

सम्मान एवं आभार

कार्यक्रम के अंत में मुख्य आयोजक विजय धृतलहरे ने राजागुरु बालदास साहेब को श्वेत वस्त्र, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सभी विशिष्ट अतिथियों का भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।

विजय धृतलहरे ने जानकारी दी कि यह सम्मेलन का चौथा वर्ष है और इस वर्ष सभी प्रतिभागियों की कैटलॉग बुक (फोटो, परिचय एवं संपर्क नंबर सहित) शीघ्र प्रकाशित की जाएगी, जिससे रिश्ते तय करने में सुविधा होगी।

 

कार्यक्रम में विकास कुर्रे, अरविंद पात्रे, हितेन्द्र पात्रे, डी.पी. धृतलहरे सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा। अंत में समाज के सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।

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