
कलेक्टर ने पटवारियों को प्रतिवेदन और आवश्यक अभिलेख निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
कवर्धा, 29 अगस्त 2025। जिले के बोड़ला विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्र रेंगाखार तहसील में राजस्व प्रकरणों का निराकरण तीव्र गति से किया जा रहा है। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा आज रेंगाखार पहुंचकर तहसील न्यायालय का औचक निरीक्षण कर राजस्व मामलों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तहसील न्यायालय में दर्ज प्रकरणों, लंबित मामलों तथा सुनवाई के लिए निर्धारित तैयार प्रकरणों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, आरबीसी 6-4 सहित समय-सीमा पार कर लंबित प्रकरणों की स्थिति का अवलोकन किया और त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी श्री सागर सिंह, डिप्टी कलेक्टर श्री बीआर देवांगन, नायब तहसीलदार अखिलेश ध्रुव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री वर्मा ने निरीक्षण के दौरान लंबित मामलों की फाइलों की स्वयं समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राजस्व संबंधी जनसमस्याओं का निराकरण केवल औपचारिकता न होकर पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। कलेक्टर श्री वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता के छोटे-छोटे कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो और प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने राजस्व निरीक्षकों एवं हल्का पटवारियों को विशेष रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि सभी प्रकार के जांच प्रतिवेदन और आवश्यक अभिलेख निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किए जाएं, ताकि सुनवाई और निराकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों आवश्यक हैं। यदि अधिकारी और कर्मचारी समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करते हैं तो कार्यवाही लंबित होती है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं और जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करें।
कलेक्टर ने निर्देश दिया कि पटवारी अपने निर्धारित दिवस पर अनिवार्य रूप से हल्का मुख्यालय में मौजूद रहें और उसकी तिथि पहले से तय कर दी जाए, ताकि किसानों को सही जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि पटवारी का मोबाइल नंबर हमेशा चालू रहना चाहिए और उसे कार्यालय में चस्पा किया जाए, जिससे किसी कारणवश अनुपस्थित होने पर किसानों को समय पर सूचना मिल सके। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने प्राकृतिक आपदा और सड़क दुर्घटना से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे सभी प्रकरणों का निराकरण अधिकतम 15 दिनों के भीतर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण से विचार करें, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय और राहत उपलब्ध हो सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने तहसील में उपस्थित ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएँ सुनीं। उन्होंने कहा कि जो भी कठिनाई सामने आ रही है, उसे खुलकर बताया जाए। इस दौरान ग्रामीणों और पटवारियों ने फील्ड में आने वाली चुनौतियों की जानकारी साझा की। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि सभी मामलों का 15 दिनों के भीतर निराकरण किया जाए। लंबित प्रकरणों की एक सूची तैयार कर उसमें कारण भी दर्ज किए जाएं। किसानों द्वारा रखी गई समस्याओं पर कलेक्टर ने अधिकारियों को तुरंत कार्यवाही कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने तहसील कार्यालय में तैयार किए जा रहे रिकॉर्ड रूम का किया निरीक्षण
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने तहसील कार्यालय में तैयार किए जा रहे रिकॉर्ड रूम का भी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की पहल पर रेंगाखार तहसील में अब अभिलेखों को सुरक्षित रखने के लिए आधुनिक रिकॉर्ड रूम की व्यवस्था की जा रही है। इस व्यवस्था से ग्रामीणों को काफी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले ग्रामीणों को अपने दस्तावेज़ और अभिलेखों के लिए दूर-दराज के स्थानों पर भटकना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा सीधे रेंगाखार तहसील में उपलब्ध होगी। यहाँ किसानों और आम नागरिकों से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुव्यवस्थित तरीके से रखे जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिकॉर्ड रूम में दस्तावेज़ों का संधारण और संरक्षण पूर्ण पारदर्शिता एवं सटीकता के साथ किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि अब लोगों को अपने अधिकारिक दस्तावेजों के लिए अन्य जगह जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, सभी अभिलेख यहीं तहसील मुख्यालय में उपलब्ध रहेंगे।