tenant landlord rights : कितने महीने का किराया नहीं देने पर मकान मालिक खाली करवा सकता है मकान, किराएदार जान लें अपने अधिकार-: अधिवक्ता देवकुमार कनेरी हाईकोर्ट बिलासपुर।
tenant landlord rights : कितने महीने का किराया नहीं देने पर मकान मालिक खाली करवा सकता है मकान, किराएदार जान लें अपने अधिकार-: अधिवक्ता देवकुमार कनेरी हाईकोर्ट बिलासपुर।
बिलासपुर -: अक्सर लोग घर को बना देने के बाद उसे किराये पर चढ़ा देते हैं। कई बार देखा जाता है कि किरायेदार मकान का किराया नहीं देता है, जिसकी वजह से मकान मालिक को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस परिस्थिति में मकान मालिक घर को भी खाली करा सकता है। इस समय पर किरायेदारों (tenant’s rights of property) को भी अपने अधिकारों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। आइए विस्तार से जानते हैं इस बारे में पूरी डिटेल।
(Property rules in India)। भारतीय कानून के तहत देश के हर व्यक्ति के लिए कुछ न कुछ अधिकार दिये जाते हैं, जिनका हनन करना पुरी तरह से गैर कानूनी माना जाता है। कई बार देखा जाता है कि कुछ मकान मालिक मकान (makan malik ke adhikar) को किराये पर देने के बाद भी उसपर अपनी मर्जी चलाने लग जाते हैं। जिसकी वजह से किरायेदारों को कई तरीके की परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार ऐसा भी होता है कि किराया न देने पर उनसे घर खाली करने को कह दिया जाता है। लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। कानून (constitutional rights) में किरायेदार और मकान मालिक दोनों के लिए ही अधिकारों को बनाया गया है।
*किराएदार के पास होते हैं ये अधिकार-*
आदर्श किराया अधिनियम, 2021 (Model Tenancy Act 2021) के मुताबिक कोई भी मकान मालिक अचानक से किराया नहीं बढ़ा सकता है। इसके लिए मकान मालिक को तीन महीने पहले ही किराएदारों को नोटिस देना होगा। इसके साथ ही, रेंट एग्रीमेंट में किराये को भी दर्ज करना होगा। मकानमालिक (Landlord rights) को किराया बढ़ाने से पहले किराएदार और मकान मालिक को आपस में तय कर लेना चाहिए। इसके बाद रेंट एग्रीमेंट में जो किराया दर्ज किया गया है, मकान मालिक उससे ज्यादा किराये को नहीं वसूल सकता है।
*एडवांस सिक्यॉरिटी मनी को कर सकते है वसूल-*
कोई भी मकान मालिक अपने किराएदार (tenant property rights) से दो महीने से ज्यादा का एडवांस सिक्यॉरिटी की रक्म को वसूल नहीं सकता है। इसके अलावा जब किराएदार मकान खाली कर देता है तो एक महीने के अंदर मकान मालिक को इस रक को लोटाना होगा।
*किराया समय पर न चुकाने पर किया जा सकता है ये काम-*
अगर किसी भी वजह से किराएदार अपने मकान (makan malik ke hak) का किराया नहीं दे पा रहा है तो ऐसे में मकान मालिक को कोई अधिकार नहीं है कि वो किराएदार को बिजली और पानी की सुविधा से वंचित रखे। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट (SC decision on property rights) की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है कि बिजली-पानी की सुविधा एक मूलभूत सुविधा में शामिल की जाती है।
*बिना अुनमति के घर में नहीं आ सकता मकान मालिक-*
किराए का घर मकान मालिक का होता है, लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि वो किराएदार (kiraydar ke adhikar) की मर्जी के बिना ही घर में आ जाए। किराएदार की गैर-मौजूदगी में मकान मालिक घर में नहीं आ सकता है और न ही घर की तलाशी ले सकता है।
*बिना वजह दिये नहीं खाली कराया जा सकता घर-*
मकान मालिक को घर खाली कराने से पहले अपने किराएदार (Tenant property rights) को एक जरूर से देना होता है। बिना जानकारी के अचानक मकान मालिक, किराएदार (kiraydar ke hak) को घर खाली करने के लिए नहीं कह सकता है। अगर यदि अचानक उसे ऐसा करना पड़ जाता है तो साथ में एक ठोस वजह भी देनी होती है।
*किरायेदार नहीं है इस चीज का जिम्मेदार-*
अगर किराये के घर का रंग करवाने की जरूरत या फिर मरम्मत (house maintainace) करवाने की जरूरत पड़ जाती है तो यह मकान मालिक की जिम्मेदारी ही होती है। वो अपने किराएदार को इसके लिए नहीं बोल सकता है। अगर वो किसी तरह की मरम्मत के लिए किराएदार (kiraydar ke adhikar) को बोलता है तो उसे रकम का भुगतान करना होता है।
*एग्रीमेंट बनने के बाद नहीं रखी जा सकती शर्त-*
मकान मालिक की जो भी शर्तें होती हैं वो उन्हें एग्रीमेंट (rent agriment rules) बनाने के दौरान बतानी होती है। एक बार एग्रीमेंट तैयार हो जाता है तो इसके बाद कोई शर्त नहीं रखी जा सकती है।
*मकान मालिक के होते हैं ये अधिकार-*
आदर्श किराया अधिनियम, 2021के मुताबिक किराएदारों (kiraydaro ke hak) के साथ ही मकान मालिक के अधिकारों की रक्षा के लिए भी प्रावधानों को दिया गया है। अगर किसी किराएदार ने मकान का पिछले 2 महीने का किराया नहीं दिया है तो इस परिस्थिति में मकान मालिक (landlord property rules) अपने घर को खाली करवा सकता है।
अगर किराएदार घर में किसी तरह का गैर कानूनी काम करता है या फिर मकान मालिक को बिना बताए कमर्शियल कार्यों (can we use rent house for Commercial work) को करता हैं तो इस स्थिति में मकान मालिक, किराएदारों को घर खाली करने के लिए कह सकता है।
किसी भी परिस्थिती में मकान मालिक को किराएदार को घर से बाहर निकालने के लिए 15 दिन का नोटिस पीरियड देना होता है।
मकान मालिक का ये अधिकार होता हैं कि वो समय पर किराये (kiray ke niyam) को वसूल ले। इसके साथ ही, अगर मकान मालिक को ऐसा लगता है कि किराएदार घर का रख-रखाव करने में किसी भी तरह की लापरवाही कर रहा है तो इस स्थिति में मकान मालिक (makan malik ke hak) उन्हें टोक सकता है, लेकिन बार-बार किराएदार की लापरवाही के खिलाफ शिकायत को भी किया जा सकता है।
अगर किराएदार अपनी मर्जी से घर को खाली करने के बारे में प्लान बना रहा है तो इस स्थिति में किरायेदार (notice period for tenant) को इस बात की जानकारी मकान मालिक को एक महीने पहले देनी होती है।
*कानून का उल्लंघन होने पर करें ये काम-*
अगर मकान मालिक या किराएदार आदर्श किराया अधिनियम (tenant model rent act), 2021 के तहत किसी भी कानून का उल्लंघन करता है तो वह इसके खिलाफ शिकायत को दर्ज कराने के लिए किराया प्राधिकरण यानी रेंट अथॉरिटी (Rent Authority kya h) के पास जा सकता है। हालांकि, ये कानून केंद्र का है और कई राज्यों ने इसे लागू नहीं किया है लेकिन हर राज्य का अपना कानून हो सकता है, जो केन्द्र द्वारा बनाए गए कानूनों से ज्यादा अलग नहीं होता है।