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संपादक -विजय कुमार धृतलहरे
दिनांक 16/3/2026
पंडरिया। ग्राम पंचायत खैरझिटी पुराना के आश्रित ग्राम गौरकापा म मनरेगा योजना के तहत लाखों रूपिया के काम चलत हवय, फेर ए काम म मजदूर के बदला मशीन ले काम कराय जाए के आरोप लगत हवय। गांव के ग्रामीण मन के कहना हवय के ए स्थिति मनरेगा के नियम के खिलाफ हवय।
मिली जानकारी अनुसार गौरकापा म मनरेगा योजना ले करीब 14 लाख रूपिया के लागत ले चेकडैम अउ 5 लाख रूपिया के लागत ले डबरी निर्माण के काम चलत हवय। ए काम ले गांव के मजदूर मन ला रोजगार मिलही, ए उम्मीद रहिस। फेर ग्रामीण मन के आरोप हवय के असल म काम मशीन ले कराय जात हवय अउ मजदूर मन के नाम म कागज म मस्टर रोल भराय जात हवय।
ग्रामीण मन के बताय अनुसार कुछ मजदूर मन अउ काम करइया एजेंसी के बीच एक किसिम के समझौता होय के बात सामने आवत हवय। ए समझौता म कहे जात हवय के मजदूर मन काम नई करहीं, मशीन ले काम होही। मजदूर मन के नाम ले मस्टर रोल जारी होही अउ मजदूरी के पैसा उनकर खाता म डार दे जाही। बाद म मजदूर मन ओ रकम के 50 प्रतिशत खुद रखथें अउ 50 प्रतिशत काम करइया एजेंसी ला दे देथें।
ग्रामीण मन के आरोप हवय के जऊन मजदूर ए समझौता म राजी हो जाथें, सिरिफ ओही मन के नाम ले मस्टर रोल जारी होवत हवय। जऊन मजदूर मन ए बात ला स्वीकार नई करथें, ओमन के नाम म मस्टर रोल नई बनाय जात हवय। ए बात ला लेके गांव म विरोध के माहौल बनत दिखत हवय।
मनरेगा योजना म निर्माण काम बर 60:40 के नियम लागू रहिथे, जेमे मजदूरी अउ सामग्री के अनुपात तय रहिथे। खासकर माटी के काम म मजदूर मन के अधिक जरूरत होथे। फेर कुछ लोगन के कहना हवय के आजकल कई मजदूर सरकारी नियम अनुसार काम करे बर तैयार नई होथें, जेमे से काम समय म पूरा करना मुश्किल हो जाथे। ए हालत म काम करइया एजेंसी मशीन के उपयोग ला अपनी मजबूरी बतावत हवंय।
ग्राम गौरकापा के ग्रामीण मन के कहना हवय के अगर ए तरह के व्यवस्था चलत रही त मनरेगा योजना के असली उद्देश्य प्रभावित हो सकथे। ग्रामीण मन प्रशासन ले मांग करत हवंय के मामला के निष्पक्ष जांच होय अउ दोषी मन ऊपर उचित कार्यवाही करे जावय।
अब देखना ये रहिही के जनपद अउ जिला प्रशासन ए मामला म का कदम उठाथे अउ जांच के बाद काकर ऊपर कार्यवाही होथे।




