
इस प्रक्रिया की कोई अंतिम तिथि नहीं, लगातार चलेगा अपडेशन।
30 नवंबर तक चलने वाले नवीन पंजीयन और रकबा संशोधन से अलग है यह प्रक्रिया।
कवर्धा, 29 नवंबर 2025/धान खरीदी के संबंध में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान शासन द्वारा एग्रीस्टेक पोर्टल में किया गया है। जिसके तहत एग्रीस्टेक में पंजीकृत सभी किसानों के ऐसे खसरे जो एकीकृत किसान पोर्टल से कैरी फॉरवर्ड होने के बाद एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों की फॉर्मर आईडी में लिंक नहीं हो पाए हैं, ऐसे खसरों को अब लिंक करने का प्रावधान किया गया है। इसे किसान स्वयं अपनी एग्रीस्टेक फॉर्मर आईडी में लॉगिन कर अथवा अपनी समितियों में जाकर अपडेट करवा सकते हैं। ऐसे खसरों की पहचान कर समितिवार सूची बनाई गई है, तथा उसे समितियों के बाहर चस्पा किया गया है। ऐसे सभी खसरे किसानों की एग्रीस्टेक फॉर्मर आईडी से लिंक किए जाएंगे, ताकि किसानों को धान बेचने में असुविधा न हो। यह प्रक्रिया लगातार चलेगी, इसकी कोई अंतिम तिथि नहीं है।
किसान इसके लिए स्वयं एग्रीस्टेक आईडी में लॉगिन कर के छूटे खसरे लिंक कर सकते हैं। इसके अलावा समितियों में जाकर भी अपनी फॉर्मर आईडी में छूटे हुए खसरों का मिलान कर उसे एग्रीस्टेक पोर्टल में लिंक करवा सकते हैं। इसके लिए समितियों में बने किसान सहायता केंद्र में सुबह 09 से शाम 05 बजे तक जाकर किसान वहां के ऑपरेटर अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
*एकीकृत किसान पोर्टल से कैरी फॉरवर्ड खसरे जो एग्रीस्टेक में लिंक नहीं, उसे जोड़ने की है प्रक्रिया- खाद्य अधिकारी*
जिला खाद्य अधिकारी श्री सचिन मरकाम ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी हेतु भारत सरकार, कृषि मंत्रालय के एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन अनिवार्य किया गया है। एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान को प्राप्त फार्मर आईडी के साथ उनके खसरे को लिंक किया जाना है। वर्तमान में एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत कृषक के ऐसे खसरे जो एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत थे वो कैरी फारवर्ड हो गए है परंतु किसानों के समस्त खसरे एग्रीस्टेक में फार्मर आईडी के साथ लिंक नही है, उनमें से कुछ खसरे लिंक होने रह गए हैं। इन सभी छुटे हुए खसरों को एग्रीस्टेक पोर्टल से जोड़ा जाना है ताकि समिति स्तर पर ये सभी खसरे खरीदी हेतु उपलब्ध हो सके।
*कोई अंतिम तिथि नहीं, निरंतर होगा अपडेशन*
खाद्य अधिकारी ने बताया कि कबीरधाम जिले पंजीकृत किसानों के ऐसे 34 हजार 566 खसरे हैं जो एकीकृत किसान पोर्टल से कैरी फॉरवर्ड हो गए हैं, किन्तु किसी कारणवश किसानों के एग्री स्टेक फॉर्मर आईडी में लिंक नहीं दिख रहे हैं। इन्हें किसान स्वयं अथवा समिति में जाकर लिंक कर सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसके लिए कोई समय सीमा या अंतिम तिथि निर्धारित नहीं है, अपडेशन की यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। ताकि इन पंजीकृत किसानों को धान बेचने में आसानी हो।
*30 नवंबर तक चलने वाले नवीन पंजीयन और रकबा संशोधन से अलग है यह प्रक्रिया*
किसानों की सुविधा के लिए स्पष्ट किया जाता है कि यह एकीकृत किसान पोर्टल के तहसील और समिति लॉगिन के अंतर्गत 30 नवंबर तक चल रहे नवीन पंजीयन और रकबा संशोधन से अलग है। यह पहले से पंजीकृत किसानों के एग्रीस्टेक फॉर्मर आईडी में उनके सभी कैरी फॉरवर्ड खसरों को लिंक करने की प्रक्रिया है।




