अपराधगौरेला पेंड्रा मरवाहीछत्तीसगढ़जीपीएम

10वीं-12वीं के पढ़इया मन के भविस ले कथित खिलवाड़! फर्जी कागज-पत्तर अऊ नियुक्ति के आरोप, CDBE के मुख्यमंत्री ले उच्च स्तरीय जांच के मांग

10वीं-12वीं के पढ़इया मन के भविस ले कथित खिलवाड़! फर्जी कागज-पत्तर अऊ नियुक्ति के आरोप, CDBE के मुख्यमंत्री ले उच्च स्तरीय जांच के मांग

बल्लूराम डॉट कॉम

विजय धृतलहरे

पेंड्रा।26/07/2026 छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (CDBE) ह मुख्यमंत्री ल एक विस्तृत शिकायत सौंपत कहिस कि मिशन स्कूल ले जुड़े गंभीर मामला के निष्पक्ष अऊ उच्च स्तरीय जांच कराए जावय। संस्था के आरोप हवय कि कक्षा 10वीं अऊ 12वीं के पढ़इया मन के भविस संग कथित खिलवाड़ करे गे हवय, जेन ले शिक्षा व्यवस्था के भरोसा मं सवाल उठत हवय।

CDBE के सचिव जयदीप रॉबिन्सन अऊ अध्यक्ष राइट रेव. (श्रीमती) सुषमा कुमार के मुताबिक, निलंबित प्राचार्य भावना आर्थर के निलंबन अवधि मं घलो 10वीं-12वीं के अंकसूची अऊ दूसर शैक्षणिक दस्तावेज मं हस्ताक्षर करे के आरोप हवय। यदि जांच मं ए बात सही साबित होथे, त पढ़इया मन के अंकसूची, प्रमाण-पत्र अऊ आगू के पढ़ई-लिखई मं दिक्कत आ सकथे।

संस्था ह ए घलो आरोप लगाइस कि अतुल आर्थर, शशि वाघे अऊ दूसर संबंधित लोगन मन कथित रूप ले फर्जी लेटरहेड, फर्जी हस्ताक्षर, फर्जी नियुक्ति पत्र अऊ दूसर दस्तावेज बनाके शासन-प्रशासन अऊ पुलिस ल गुमराह करे के कोसिस करिन।

CDBE के कहना हवय कि संस्था संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत संरक्षित अल्पसंख्यक शिक्षण संस्था आय, अऊ एकर संचालन के अधिकार केवल वैधानिक प्रबंधन समिति ल हवय। फेर आरोप हवय कि नियम-कायदा के अनदेखी करके स्कूल संचालन अऊ नियुक्ति संबंधी काम करे गीस।

शिकायत मं ए घलो कहे गे हवय कि वैधानिक प्रबंधन समिति के आदेश के अनदेखी करत स्कूल के ताला तोड़के संचालन करे गीस। यदि जांच मं ए आरोप सही पाय जाथे, त ए गंभीर अपराध के दायरा मं आ सकथे।

संस्था के कहना हवय कि जिला शिक्षा अधिकारी अऊ जिला कलेक्टर ल कई बेर लिखित शिकायत देय गीस, फेर अब तक निष्पक्ष जांच अऊ प्रभावी कार्रवाई नई होइस। एही कारण ले पढ़इया मन के भविस संकट मं पड़ गे हवय।

CDBE ह मुख्यमंत्री ले मांग करे हवय कि जिला शिक्षा अधिकारी के भूमिका के जांच कराय जावय, फर्जी दस्तावेज मन के फोरेंसिक जांच होवय, 10वीं-12वीं के अंकसूची अऊ शैक्षणिक अभिलेख के सत्यापन कराय जावय, अऊ दोषी पाए जाए वाले अधिकारी अऊ संबंधित व्यक्तियों ऊपर कड़ी वैधानिक कार्रवाई करे जावय।

संस्था ह ए घलो कहिस कि जांच पूरा होए तक स्कूल के संचालन केवल वैधानिक अऊ अधिकृत प्रबंधन समिति के माध्यम ले कराय जावय, ताकि पढ़इया मन के भविस सुरक्षित रहय।

जयदीप रॉबिन्सन के कहना हवय कि ए सिरिफ एक स्कूल के मामला नई, बल्कि सैकड़ों पढ़इया मन के भविस, शिक्षा व्यवस्था के भरोसा अऊ कानून के शासन के सवाल आय। संस्था ह मुख्यमंत्री ले समयबद्ध अऊ निष्पक्ष जांच कराके दोषी मन ऊपर कड़ी कार्रवाई करे के मांग करे हवय।

Related Articles

Back to top button