कवर्धाछत्तीसगढ़

पोड़ी चौक ले खड़ौदा–उस्लापुर पहुंच चौक तक सड़क निर्माण के काम मं सुस्ती, राहगीर होवत हें परेशान

NH-130A मं वन टाइम इम्प्रूवमेंट के काम के रफ्तार कछुआ चाल, 15.275 किमी सड़क सुधार बर करोड़ों के मंजूरी के बाद घलो काम सुस्त

NH-130A मं वन टाइम इम्प्रूवमेंट के काम के रफ्तार कछुआ चाल, 15.275 किमी सड़क सुधार बर करोड़ों के मंजूरी के बाद घलो काम सुस्त

 

कवर्धा। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130A मं पोड़ी चौक ले खड़ौदा–उस्लापुर पहुंच चौक तक चलत सड़क सुधार अउ आरसीसी निर्माण के काम के धीमी रफ्तार अब राहगीर अउ आसपास के रहवइया मन बर परेशानी के कारण बनत जात हे। सड़क निर्माण के काम ल देखके स्थानीय मन के कहना हे कि जऊन रफ्तार ले काम आगे बढ़त हे, वोला तेज निर्माण के बजाय कछुआ चाल कहना जियादा सही होही।

राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के तकनीकी विवरण बोर्ड के मुताबिक NH-130A के कुल 15.275 किलोमीटर हिस्सा मं वन टाइम इम्प्रूवमेंट (One Time Improvement) के काम प्रस्तावित हे। एमा पोड़ी शहरी हिस्सा मं किमी 103.166 ले 104.756 तक 1.590 किमी, कवर्धा शहरी हिस्सा मं किमी 52.710 ले 56.275 तक 3.565 किमी, पंडरिया शहरी हिस्सा मं किमी 82.582 ले 87.133 तक 4.551 किमी हिस्सा शामिल बताए गे हे।

 

53 करोड़ ले जियादा के ठेका, फेर काम के रफ्तार सुस्त

 

बोर्ड मं दर्ज जानकारी के मुताबिक ए काम बर 65.91 करोड़ रुपिया के प्रशासनिक स्वीकृति हे, जबकि काम के अनुबंधित लागत 53.219 करोड़ रुपिया बताय गे हे। काम के अनुबंध क्रमांक T-240574, तारीख 11 फरवरी 2026 अउ कार्यादेश के तारीख 23 फरवरी 2026 दर्ज हे।

काम पूरा करे बर 12 महीना, मतलब 22 फरवरी 2027 तक के समय-सीमा तय करे गे हे। ठेकेदार ल ए काम 17.88 प्रतिशत Below SOR दर मं मिले हे।

 

फेर ए सब के बावजूद निर्माण स्थल मं काम के रफ्तार ल लेके सवाल उठत हे। स्थानीय मन के कहना हे कि सड़क निर्माण के काम मं पर्याप्त तेजी नइ होय के सेती रोज आवागमन करे वाले मन ल परेशानी होवत हे। निर्माणाधीन हिस्सा मं यातायात व्यवस्था, धूल-माटी अउ रास्ता मं होवत दिक्कत ले लोगन के परेशानी अउ बढ़ गे हे।

 

ठेकेदार के मनमानी या विभागीय निगरानी मं कमी?

 

काम के धीमी रफ्तार ल लेके सबसे बड़े सवाल विभागीय निगरानी व्यवस्था ऊपर उठत हे। आखिर करोड़ों रुपिया के राष्ट्रीय राजमार्ग सुधार काम मं तय समय-सीमा के हिसाब ले काम के प्रगति सुनिश्चित करे के जिम्मेदारी ककर हे?

का विभागीय अधिकारी मन नियमित रूप ले निर्माण स्थल के निरीक्षण करत हें? अगर निरीक्षण होवत हे, त काम के धीमी रफ्तार ऊपर अब तक का कार्रवाई करे गे हे? ए सवाल के जवाब स्थानीय लोग मांगत हें।

 

हालांकि निर्माण एजेंसी अपन सुविधा के हिसाब ले काम करत हे या विभागीय निगरानी कमजोर हे, ए बात के सही स्थिति विभागीय जांच अउ मौके के निरीक्षण के बाद ही साफ हो सकही।

 

समय-सीमा बाकी, फेर गुणवत्ता अउ रफ्तार ऊपर नजर जरूरी

 

काम पूरा करे के आखिरी तारीख 22 फरवरी 2027 हे, ए हिसाब ले अभी समय-सीमा बाकी हे। फेर स्थानीय लोगन के कहना हे कि समय रहत निर्माण के रफ्तार बढ़ाय जाए अउ संग मं सड़क के गुणवत्ता के नियमित जांच घलो होय।

जल्दी काम पूरा करे के चक्कर मं गुणवत्ता ले समझौता नइ होय, ए बात के घलो ध्यान रखे के जरूरत हे। करोड़ों रुपिया के लागत ले बनत ये सड़क क्षेत्र बर महत्वपूर्ण मार्ग हे। ए सेती विभाग ल निर्माण के भौतिक प्रगति, गुणवत्ता, यातायात व्यवस्था अउ तय मानक के नियमित जांच करना चाही।

 

अगर काम वास्तव मं तय गति ले पिछड़त हे, त संबंधित निर्माण एजेंसी ले जवाब मांगके जरूरी कार्रवाई करे के जरूरत हे।

 

हाइलाइट बॉक्स

■ कुल काम के लंबाई: 15.275 किमी

■ प्रशासनिक स्वीकृति: ₹65.91 करोड़

■ अनुबंधित लागत: ₹53.219 करोड़

■ काम पूरा करे के तारीख: 22 फरवरी 2027

■ ठेका दर: 17.88% Below SOR

अब सवाल ये हे कि करोड़ों रुपिया के ए महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग सुधार काम के रफ्तार कब तेज होही अउ निर्माण के चलते होवत परेशानी ले राहगीर मन ल कब राहत मिलही?

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